Rewa news: रीवा: दुकान की आड़ में गांजा बेच रहा था आरोपी, चोरहटा पुलिस ने 2 किलो से अधिक गांजे के साथ किया गिरफ्तार

Rewa news: रीवा। जिले की चोरहटा थाना पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए दुकान की आड़ में गांजा बेचने वाले एक आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से बोरी में छिपाकर रखा हुआ करीब 2 किलो 100 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया है।
Rewa news: दुकान से चल रहा था नशीले पदार्थ का काला कारोबार
चोरहटा थाना प्रभारी पवन शुक्ला के अनुसार, पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम बनकुईया निवासी मोहम्मद गफ्फार अपनी दुकान की आड़ में अवैध रूप से गांजे की बिक्री कर रहा है। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी की दुकान पर दबिश दी।
तलाशी के दौरान पुलिस को दुकान के भीतर छिपाई गई एक बोरी मिली, जिसकी जांच करने पर उसमें से 2 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद हुआ।
Rewa news: NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज, आरोपी भेजा गया जेल
पुलिस ने मौके से गांजा जब्त करते हुए आरोपी मोहम्मद गफ्फार को हिरासत में ले लिया। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पूछताछ के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
Rewa news: सप्लायरों और खरीददारों की तलाश में जुटी पुलिस
थाना प्रभारी पवन शुक्ला ने बताया कि कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी ने गांजा सप्लाई करने वाले मुख्य सरगनाओं और इसे खरीदने वाले कुछ लोगों के संबंध में अहम जानकारियां दी हैं। पुलिस अब उन अन्य संलिप्त आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
हालांकि पुलिस के द्वारा ऐसे पूर्व में भी खुलासे किए गए हैं जहां पुलिस आरोपी से पूछताछ के दौरान मुख्य सरगना का नाम तो उगलवा लेती है लेकिन उस तक पहुंच नहीं पाती है कहीं ना कहीं रीवा जिले की पुलिस की इस तरह की नशे के खिलाफ कार्रवाई सवालों के घेरे में है क्योंकि जब पुलिस प्रेस विज्ञप्ति जारी करती है तो उसमें दावा करती है कि आरोपी को गिरफ्तार किया गया है उससे मुख्य सरगना का नाम भी पूछा गया है मगर पुलिस अब तक मुख्य सरगना को हिरासत में क्यों नहीं लिया आपको बता दे की रीवा पुलिस अधीक्षक एवं रीवा जोन की आईजी के द्वारा कई खुलासे अवैध नशे के खिलाफ किया जा चुके हैं मगर खुलासे में मुख्य आरोपी का नाम सामने आने के बाद भी पुलिस सरगना तक क्यों नहीं पहुंची ।
