Rewa news: स्टायपेंड में समानता की मांग: रीवा में BAMS इंटरर्न डॉक्टरों का हल्लाबोल, MBBS के समान 21,500 मानदेय देने की मांग कलेक्टर को ज्ञापन

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Rewa news: ​रीवा शासकीय स्वशासी आयुर्वेद महाविद्यालय एवं चिकित्सालय, रीवा के BAMS अंतिम वर्ष के छात्रों एवं इंटरर्न डॉक्टरों ने स्टायपेंड में हो रहे भेदभाव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। इंटरर्न डॉक्टरों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री, आयुष मंत्री, प्रमुख सचिव और जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा है।
​छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि 3 कार्यदिवसों में MBBS के समकक्ष 21,500 मानदेय देने का लिखित आदेश जारी नहीं किया गया, तो वे भोपाल स्थित वल्लभ भवन मंत्रालय का घेराव कर अनिश्चितकालीन आंदोलन करेंगे।

​ स्टायपेंड में भारी विषमता और भेदभाव​छात्र प्रतिनिधियों द्वारा प्रस्तुत ज्ञापन और गजट NCISM Regulations 2022 के अनुसार
​भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग के नियमों के तहत BAMS इंटरर्नशिप की अवधि, कार्य-घंटे और दायित्व MBBS इंटरर्नशिप के पूर्णतः समतुल्य निर्धारित हैं।
​वर्तमान में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा BAMS इंटरर्न डॉक्टरों को मात्र ₹9,383 प्रति माह स्टायपेंड दिया जा रहा है।
​वहीं, एलोपैथी MBBS इंटरर्न डॉक्टरों को 21,500 प्रति माह प्रदान किया जा रहा है।

समान कार्यभार फिर भी आधा स्टायपेंड

​प्रदर्शनकारी BAMS छात्र अभिषेक जोगी और श्रद्धा पाटीदार ने बताया कि शासकीय आयुर्वेद अस्पताल में वे प्रतिदिन 8 से 12 घंटे ओ.पी.डी. आई.पी.डी. , आपातकालीन सेवा रात्रिकालीन ड्यूटी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों में निष्ठापूर्वक सेवाएं दे रहे हैं।

​छात्रों का कहना है कि समान शैक्षणिक योग्यता और समान चिकित्सकीय दायित्वों के बावजूद उन्हें MBBS की तुलना में आधे से भी कम स्टायपेंड दिया जाना सरासर अन्याय है। वर्तमान महंगाई के दौर में मात्र 9,383 में भोजन, आवास और शैक्षणिक सामग्री का खर्च चलाना अत्यंत कठिन हो गया है।

​ 10 दिनों से प्रदर्शन जारी, भोपाल कुछ की दी चेतावनी

​छात्र 3 अक्टूबर से ही सांकेतिक विरोध प्रदर्शन और हड़ताल पर बैठे हुए हैं। 10 से अधिक दिन बीत जाने के बाद भी शासन-प्रशासन की ओर से कोई ठोस समाधान न मिलने पर छात्रों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है।
​कलेक्टर रीवा द्वारा ज्ञापन प्राप्त कर मांगों को भोपाल शासन तक प्रेषित करने का आश्वासन दिया गया है। हालांकि, छात्र प्रतिनिधि राहुल धाकड़, नरेंद्र, राहुल गर्ग आदि ने स्पष्ट किया है कि यदि 16 अक्टूबर 2026 तक लिखित आदेश जारी नहीं होता है, तो वे भोपाल में मंत्रालय का घेराव और अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करेंगे, जिसकी संपूर्ण प्रशासनिक जिम्मेदारी शाशन की होगी ।
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