सरपंच और GRS की मिलीभगत से परेशान ग्रामीण पहुंचे कलेक्ट्रेट, निष्पक्ष जांच की मांग

रीवा। पंचायत स्तर पर हो रही अनियमितताओं और भ्रष्ट कार्यप्रणाली से त्रस्त होकर ग्रामीणों का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई देने लगा है। ग्राम पंचायत के सरपंच एवं रोजगार सहायक की कथित मिलीभगत और धांधली से परेशान होकर दर्जनों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर मोर्चा खोला।
ग्रामीणों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
शासकीय योजनाओं में धांधली का आरोप
कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत में संचालित कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया जा रहा है। सरपंच और ग्राम रोजगार सहायक आपसी सांठगांठ कर पात्र हितग्राहियों के अधिकारों का हनन कर रहे हैं। योजना का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों को मिलने के बजाय कागजों तक सीमित रह गया है या फिर अपात्रों को रेवड़ियों की तरह बांटा जा रहा है।
गुहार लगाने के बाद भी सुनवाई नहीं
ग्रामीणों ने मीडिया से चर्चा करते हुए बताया कि वे इस संबंध में पूर्व में भी स्थानीय अधिकारियों से शिकायत दर्ज करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पंचायत स्तर पर सुनवाई न होने और समस्याओं का समाधान न मिलने से मजबूर होकर उन्हें जिला मुख्यालय का रुख करना पड़ा।
निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि ग्राम पंचायत में हुए निर्माण कार्यों और सरकारी योजनाओं की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही सरपंच और रोजगार सहायक के खातों व कार्यों की फाइलें खंगालकर भ्रष्टाचार के आरोपों का पर्दाफाश किया जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस मामले पर सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
